नटराज मूर्ति Reference
इस नटराज शिव स्वरुप मूर्ति में शिव भगवान के आपको 8 हाथ (अष्टभुजा) देखने को मिलेंगे। हालांकि नटराज स्वरुप के ज्यादातर 4 हाथ (चतुर्भुजा) ही देखने को मिलते है। मूर्ति का नीचे वाला हिस्सा पुर्तुगालियो ने खंडित कर दिया है। शिव एक हाथ में त्रिशूल पकड़े हुए है जिसको सांप लपेटे हुवा है, मूर्ति के बाएं बाजू में पार्वती माता है। पार्वती माता के ऊपर हाथी (ऐरावत) के ऊपर इन्द्र भगवान बैठे हुए है। उनके बाजुमें जिनका दोनों का चेहरा खंडित हो चुका है वो गरुड के ऊपर विष्णु भगवान बैठे हुए है।
नटराज भगवान के दाहिने बाजू में नीचे तबला वादक बैठा है, उसके ऊपर शिव और पार्वती के बड़े पुत्र कार्तिकेय भाला लेके खड़े है। उनके ऊपर गणेशजी है, और उनके ऊपर ऋषिमुनि और उनकी पत्नी देख सकते है। ऋषिमुनि के बाजुमें चार सिर वाले ब्रम्हा भगवान हंस के ऊपर बैठे है। नटराज मूर्ति के ऊपर देवता, गन्धर्व, अप्सराये और ऋषिमुनि देख सकते है।
नटराज की मूर्ति में क्या खास है
भगवन शिव के कई सारे रूप है, उसमेसे एक है नटराज शिव, नटराज स्वरूप उनके आनन्दमय तांडव नृत्य से जुड़ा हुवा है। भगवान शिव का नटराज स्वरूप सृष्टि के निर्माण और विनाश दोनों प्रक्रियाओं को दर्शाता है। शिव महापुराण अनुसार शिव तांडव के दो रूप माने जाते है पहिला है "आनंद तांडव" जिससे शिव इस सृष्टि का निर्माण करते है, और दूसरा है "रौद्र तांडव" जिससे शिव इस सृष्टि का विनाश करेंगे। शिव के आनंद तांडव को नटराज और रौद्र तांडव को रूद्र कहा गया है। ऋषिमुनियों के मतानुसार शिव के आनंद तांडव से इस सृष्टि की निर्मिति हुयी है, और रौद्र तांडव से इस सृष्टि का शिव विनाश करेंगे।
नटराज शिव के चारो हाथ किसका प्रतीक है
नटराज शिव की चार भुजाएं है, जो एक अग्नि चक्र से घिरी हुई है। उन्होंने आपने पैर के निचे एक बौने राक्षस को दबाया हुवा है जिसको अज्ञानता का प्रतीक माना जाता है, जिसको शिव नष्ट कर देते है। उनका दूसरा पैर नृत्य मुद्रा में ऊपर उठा हुवा है, जो मोक्ष का प्रतिक है। उनका बायां हाथ उठे हुए पैर की और इशारा करता है, जो हमें मोक्ष का मार्ग सुझाते है। उन्होंने अपनी दाहिने हाथ में एक डमरू पकड़ा हुवा है, डमरू की ध्वनि सृजन का प्रतिक माना जाता है। शिव ने अपनी दूसरी बाएं हाथ में अग्नि को धारण किया हुवा है, अग्नि विनाश का प्रतीक है। शिव का दूसरा दहिना हाथ अभय मुद्रा में उठा हुआ है, जो हमें बुराइयों से बचाता है।
FAQs For नटराज शिव :
1.नटराज के पैर के निचे कोण रहता है?
Ans.- नटराज स्वरुप के निचे एक बौना दानव रहता है जिसका नाम अपस्मार है उसे अज्ञानता का प्रतीक माना जाता है।
2.शिव के नाचने से क्या होता है?
Ans.- नटराज स्वरूप में शिव लौकिक नृत्य करते है, उनके गति कंपन से सृष्टि का निर्माण, पालन और विनाश होता है।
3.क्या नटराज शिव का अवतार है?
Ans.- नटराज शिव का एक नाम है जिसमें वो एक उत्तम नर्तक है, शिव को नृत्य के राजा कहा जाता है।
4.नटराज शिव की मूर्ति घर में क्यों नहीं रखनी चाहिए?
Ans.- ऐसा माना जाता है की "नटराज" शिव का रौद्र स्वरुप है जिसको घर में रखने से घर में कलह और अशांति फ़ैल जाती है, वैसे तो इसको घर में रखने की सलाह भी दी जाती है।

%20(1).jpeg)
.jpg)
0 टिप्पणियाँ